बुधवार, 1 जनवरी 2020

कदम बढ़ाओ अब इतना भी क्या! घबराना...

Kadam badhao ab itna bhi kya ghabrana कदम बढ़ाओ अब इतना भी क्या! घबराना...


















थके थके बिना रुके
चल रहे राहों पे हम।।१।।

मुश्किलें नहीं है कम
फिर भी बढ़ रहे है,ये कदम।।२।।

न पीछे रह जाने का डर
न ही आगे होने का घमंड।।३।।

बस एक राह पकड़
उस पर चल दिये है हम।।४।।

नदियों सा ये सफर
समंदर की ना कोई खबर।।५।।

अनजाने रास्तों पर ही सही
पर आगे तुम बढ़ सकते हो।।६।।

मुश्किलें हो कितनी भी
पर तुम लड़ सकते हो।।७।।

अगर कुछ नहीं आता
तो बनो अपने भाग्य का निर्माता।।८।।

कठिनाइयों से तुम लड़ो
भाग्य को तुम खुद लिखो।।९।।

एक दिन तो समंदर से है मिल ही जाना
कदम बढ़ाओ अब इतना क्यों! घबराना।।१०।।

नववर्ष पर छेड़ दो अब नया तराना
कदम बढ़ाओ अब इतना भी क्या! घबराना।।११।।

सोमवार, 23 दिसंबर 2019

तेरे गम का साथी..।।

Tera Gam ka Sathi तेरे गम का साथी..।।

कोई याद पुरानी बनूं
या अधूरी कहानी।
तेरे यादों की निशानी बनूं
या तेरी आंखों का पानी।।
नहीं बनना 
तेरी खुशी का भागी।
मैं तो हू बस,
तेरे गम का साथी।।

क्या तेरा हाथ पकड़ लू 
धीरे से,
या तेरे चेहरे को लगा लू 
सीने से,
चाहे कितनी दफा दिल 
तोड़ दे,
तेरा साथ निभाऊ हर 
मोड़ पे,
नहीं जाऊंगा तुझे कभी 
छोड़ के,
रख लें तू मुझको 
ओढ़ के,
नहीं बनना 
तेरी ख़ुशी का भागी
मै तो हूं 
यहां तेरे गम का साथी।
मैं तो हू बस,
तेरे गम का साथी।।

बुधवार, 18 दिसंबर 2019

लगता है! आज बीमार है सूरज दादा।

Lagt hai Bemaar hai Suraj Dada लगता है!आज बीमार है सूरज दादा।


सूरज दुबका मुझसे

डर कर!

बादलों से निकला 

यूं छिप छिपकर!

देख मुझे है 

मुस्कराता,

फिर न जाने 

क्यों छिप जाता?

ये मेरी समझ में ना आता!!

कि ठंड है

क्या आज कुछ ज्यादा?

लगता है! आज बीमार है सूरज दादा।

कि बादलों को बना अपना कंबल

सो गए हैं, सूरज दादा।।

या फिर ग्लोबल वार्मिंग का 

असर हो गया 

कुछ ज्यादा!!

मंगलवार, 1 अक्टूबर 2019

है आज का महत्व बड़ा।।

Hai Aaj ka Mehatav Bda है आज का महत्व बड़ा।।

भूल जाओ कल की करनी
आज से ही शुरुआत करनी
है आज का महत्व बड़ा
क्योंकि आज पे ही तेरा कल खड़ा

आज का आगाज है 
अरे कल क्या विश्वास है
आज से ही हाथ मिला
आज बस कदम बढ़ा
है आज का महत्व बड़ा
क्योंकी आज पे ही तेरा कल खड़ा

जो करना है आज करो
कल की ना तुम बात करो
कल का तो है
इंतजार बड़ा
है आज का महत्व बड़ा
क्योंकी आज पे ही तेरा कल खड़ा

कल को पीछे छोड़कर
आज से तू होड़ कर
तू राह पकड़ कर 
एक चल
तू डर मत क्या होगा कल
बस आज से जरा नज़रे मिला
कल से अब ना घबरा 
है आज का महत्व बड़ा
क्योंकी आज पे ही तेरा कल खड़ा
है आज का महत्व बड़ा।।

शनिवार, 14 सितंबर 2019

ए देवनागरी तुम्हें "प्रणाम" है।

Ae Devnagri tumhe Pranam hai ए देवनागरी तुम्हें "प्रणाम" है।
हिन्दी हमारा मान है,

हिन्दी हमारी आन है,

हिन्दी हमारी शान है,

हिन्दी ही पहचान है। 

बड़ा ही सुंदर इसका भाव है,

यह वही खुशियों वाला 

मेरा गांव है,,

जहां बस्ती मेरी जान है।

जैसे हों श्रंगार की बिंदी,

वैसे ही है अपनी प्यारी हिंदी

सरल सुंदर इसका स्वभाव है,

जीवन का इसमें सार है।

हिन्दी सीख लाती यह व्यवहार है,

कितना प्यारा यह संसार है

दिल से हिन्दी तुम्हारा "सम्मान" है,

ए देवनागरी तुम्हें "प्रणाम" है।