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गुरुवार, 13 जून 2013
वन में नाचे मोर,,,,
पवन - पवन का शोर ,
वन में नाचे मोर ।
मेघा बरसे घनघोर ,
वन में नाचे मोर ।।
पंख फैलाएँ रूप सलोना ,
सर पे ताज दिखे अनोखा ।
मोर के सुनहरे - सुनहरे पंख ,
मोर का है अलग रंग ।।
हवा चले और शाम ढले ,
सुबह - सुबह का भोर ।
मेघा बरसे घनघोर ,
वन में नाचे मोर ।।
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