सोमवार, 23 दिसंबर 2019

तेरे गम का साथी..।।

Tera Gam ka Sathi तेरे गम का साथी..।।

कोई याद पुरानी बनूं
या अधूरी कहानी।
तेरे यादों की निशानी बनूं
या तेरी आंखों का पानी।।
नहीं बनना 
तेरी खुशी का भागी।
मैं तो हू बस,
तेरे गम का साथी।।

क्या तेरा हाथ पकड़ लू 
धीरे से,
या तेरे चेहरे को लगा लू 
सीने से,
चाहे कितनी दफा दिल 
तोड़ दे,
तेरा साथ निभाऊ हर 
मोड़ पे,
नहीं जाऊंगा तुझे कभी 
छोड़ के,
रख लें तू मुझको 
ओढ़ के,
नहीं बनना 
तेरी ख़ुशी का भागी
मै तो हूं 
यहां तेरे गम का साथी।
मैं तो हू बस,
तेरे गम का साथी।।

बुधवार, 18 दिसंबर 2019

लगता है! आज बीमार है सूरज दादा।

Lagt hai Bemaar hai Suraj Dada लगता है!आज बीमार है सूरज दादा।


सूरज दुबका मुझसे

डर कर!

बादलों से निकला 

यूं छिप छिपकर!

देख मुझे है 

मुस्कराता,

फिर न जाने 

क्यों छिप जाता?

ये मेरी समझ में ना आता!!

कि ठंड है

क्या आज कुछ ज्यादा?

लगता है! आज बीमार है सूरज दादा।

कि बादलों को बना अपना कंबल

सो गए हैं, सूरज दादा।।

या फिर ग्लोबल वार्मिंग का 

असर हो गया 

कुछ ज्यादा!!

मंगलवार, 1 अक्टूबर 2019

है आज का महत्व बड़ा।।

Hai Aaj ka Mehatav Bda है आज का महत्व बड़ा।।

भूल जाओ कल की करनी
आज से ही शुरुआत करनी
है आज का महत्व बड़ा
क्योंकि आज पे ही तेरा कल खड़ा

आज का आगाज है 
अरे कल क्या विश्वास है
आज से ही हाथ मिला
आज बस कदम बढ़ा
है आज का महत्व बड़ा
क्योंकी आज पे ही तेरा कल खड़ा

जो करना है आज करो
कल की ना तुम बात करो
कल का तो है
इंतजार बड़ा
है आज का महत्व बड़ा
क्योंकी आज पे ही तेरा कल खड़ा

कल को पीछे छोड़कर
आज से तू होड़ कर
तू राह पकड़ कर 
एक चल
तू डर मत क्या होगा कल
बस आज से जरा नज़रे मिला
कल से अब ना घबरा 
है आज का महत्व बड़ा
क्योंकी आज पे ही तेरा कल खड़ा
है आज का महत्व बड़ा।।

शनिवार, 14 सितंबर 2019

ए देवनागरी तुम्हें "प्रणाम" है।

Ae Devnagri tumhe Pranam hai ए देवनागरी तुम्हें "प्रणाम" है।
हिन्दी हमारा मान है,

हिन्दी हमारी आन है,

हिन्दी हमारी शान है,

हिन्दी ही पहचान है। 

बड़ा ही सुंदर इसका भाव है,

यह वही खुशियों वाला 

मेरा गांव है,,

जहां बस्ती मेरी जान है।

जैसे हों श्रंगार की बिंदी,

वैसे ही है अपनी प्यारी हिंदी

सरल सुंदर इसका स्वभाव है,

जीवन का इसमें सार है।

हिन्दी सीख लाती यह व्यवहार है,

कितना प्यारा यह संसार है

दिल से हिन्दी तुम्हारा "सम्मान" है,

ए देवनागरी तुम्हें "प्रणाम" है।

सोमवार, 26 अगस्त 2019

वापिस कभी तुम मुड़ना नहीं।

















सफल होने से पहले
जो पड़ती मार है
असफल होना भी
किस्मत की बात है।

ये तो बस एक नई शुरुआत है
सफलता से होनी अभी मुलाकात है।।
जरा-सा धिट बन जाना
मेहनत से दोबारा हाथ मिलाना

प्रयास तुम हर बार करना
फिर से एक नई शुरुआत करना।
चेहरे पर मीठी-सी मुस्कान रखना
संघर्ष से तुम न कतराना।।

अपनी हार से
आंखे मिलाना
डर कितना भी हो
पर तुम ना घबराना।।

दोबारा असफल होने से
डरना नहीं
मुश्किलों को देखकर
रुकना नहीं।।

चाहे जो भी हो
पर वापिस कभी
तुम मुड़ना
नहीं।।