शुक्रवार, 17 अगस्त 2018

भारत की वो शान अटल है।।

भारत की वो शान अटल है।।
रात अटल है,
दिन अटल है,
ये सूरज - ये चांद
अटल है।।




पशु अटल है,पंछी अटल है,

हरियाला ये जंगल
अटल है।।




पर्वत अटल है,मैदान अटल है,

ये धरती, ये आकाश
अटल है।।




पानी अटल है,आग अटल है,
नदिया की बहती

ये धारा
अटल है।।




आप अटल है,मैं अटल हूं,

मन के भीतर
कुछ बातें
अटल है।।




हर वो क्षण-क्षण अटल है,

जिसमे उनकी यादें
अटल है।
उस धरती का कण-कण
अटल है,
जिस धरती पर जन्में
अटल है।




वादे अटल है,इरादे अटल है,

जिनके उसूल और कायदे
अटल है।
अमर अटल है,
महान अटल है,
सदा जीवित वो इंसान
अटल है।।



अनोखी सी वो

पहचान
अटल है,
मीठी सी वो
मुस्कान
अटल है।।



भारत की वो पहचान अटल है,

भारत की वो
शान
अटल  है।।

अटल थे। अटल है। अटल रहेगें।।🙏🙏🙏
~यशवर्धन~

बुधवार, 15 अगस्त 2018

रहेगा मेरा हिन्दुस्तान सबसे आगे

रहेगा मेरा हिन्दुस्तान सबसे आगे Rahega Mera Hindustan Sabse Aage

एक ऐसा भारत हो,
जहां आपस  में ना भेद हो।
प्रेम के प्रति प्रेम हो।
जहां हर तरफ हरियाली हो,
वातावरण में फैली खुशहाली हो।।

हर जनजाति का सम्मान हो,
पशु-पक्षियों से
भी सबको,
प्यार हो।
प्लास्टिक का ना नाम हो,
गंगा - यमुना, हर नदी साफ हो।
सफल स्वच्छ - भारत अभियान हो।।
डिजिटल पावर में भी नाम हो।

देश का प्रत्येक युवा अब जागे,
बस कुछ कदम बढ़ाने आगे,
की दुश्मन भी हमसे हाथ जोड़ें ,
थर-थर कापें।।

है देश के वीरों को मेरा नमन,
जाते-जाते।
नम हैं जिनकी याद में आज भी,
देश की आंखें।।
है मेरा भारतवर्ष सबसे आगे।
जो मार रहा है अब,
अंतरिक्ष में भी छलांगे।
रहेगा मेरा भारत सबसे आगे।
रहेगा मेरा हिन्दुस्तान सबसे आगे।।


~ यशवर्धन श्रीवास्तव  ~

बुधवार, 11 जून 2014

सूरज दादा शान्त हो जाओ।।

मन करे तो कुल्फी खाओ। सूरज दादा अब शान्त हो जाओ।।

ऐसे ही हमसे झगड़े।
सूरज दादा क्यों हो भड़के।।
इस बार की गर्मी में।
सूरज दादा गुस्से में।।


कम करो अब ये गर्मी।
सूरज दादा दिखाओ थोड़ी नरमी।।
मन करे तो कुल्फी खाओ।
सूरज दादा अब शान्त हो जाओ।।

शनिवार, 22 मार्च 2014

विश्व वानिकी दिवस ( 21 मार्च ) पर विशेष :- प्रकृति की धरोहर।


बात पते की अब बताता। 
बदले में सबको समझाता।।
गौर से सुनना मेरी बात को। 
सीखना और समझाना औरों को।।

प्रकृति की धरोहर यूँ न नष्ट करो।
पेड़ो को काटना अब बंद करो।।
ये पेड़ - पौधें है दोस्त हमारे। 
जीवन चलता है इनके सहारे।।

पेड़ो से मिलती है हरियाली। 
वातावरण में फैलाते ये खुशहाली।।
सर पे अपने धूप झेलते।
बदले में छाया हमें देते।।

जहरीली गैस भी ये पी जाते। 
बदले में शुद्ध ऑक्सीजन लौटाते।।
वर्षा देते हैं ये आजीवन। 
इन्हीं पर निर्भर हमारा जीवन।।

बात सभी को ये समझाओ। 
प्रकृति की धरोहर को अब बचाओ।।
आज से ही ये कसम खाओ। 
हर "वानिकी दिवस" पर पेड़ लगाओ।। 


© यशवर्धन श्रीवास्तव  

गुरुवार, 20 मार्च 2014

विश्व गौरैया दिवस :- गौरैया प्यारी।


पहले उड़ती - फिरती थी,
ये हर डाली - डाली। 
कौन - थी ये चिड़िया प्यारी ?
क्या नाम है इसका,
जरा - पूछो भईया ?
अरे ये चिड़िया है - गौरैया।।

पहले दिखती थी ये,
हर - घर आँगन में। 
परन्तु अब है ये,
पक्षी संकट में।।

इसे बचाने के लिए,
करना पड़ेगा कोई उपाय। 
ताकि ये चिड़िया,
इस धरती पर बच पाएँ।।


थोड़ा - सा दाना और थोड़ा - सा पानी,
अगर इसे मिल पाएँ। 
तो इसकी प्रजाति,
इस धरती पर बढ़ जाएँ।।

यदि नहीं किया अभी ऐसा,
तो आने वाले वक्त में। 
कभी ये खबर आयें,
एक छोटी - सी चिड़िया थी न्यारी। 
नाम था जिसका गौरैया प्यारी।। 


© यशवर्धन श्रीवास्तव