गुरुवार, 13 जून 2013
शनिवार, 1 जून 2013
मेरी गौरैया
मेरी गौरैया प्यारी-प्यारी ,
सारे जग से ये न्यारी ,
चुन-चुन कर ये दाना लाती ,
अपने प्यारे-प्यारे बच्चों को खिलाती ।
मेरी गौरैया प्यारी-प्यारी ,
सारे जग में ये निराली ,
इसके बच्चे प्यारे-प्यारे ,
चूँ चूँ चूँ करते है सारे ।
देखो भईया-देखो भईया ,
ये चिड़िया है गौरैया ,
हवा में ये उड़ती जाती ,
सबका ये मन बहलाती ।
कितनी प्यारी है ये चिड़िया ,
नाम है इसका गौरैया ,
फुदक-फुदक कर ये नाच दिखाती ,
मेरी गौरैया प्यारी-प्यारी ।
सोमवार, 25 मार्च 2013
शुक्रवार, 1 मार्च 2013
शनिवार, 9 फ़रवरी 2013
प्रकृति की गोद में .....
प्रकृति की गोद में,
खिलखिलाती ये धूप।
प्रकृति की गोद में,
कैसा ये रूप।।
प्रकृति की गोद में,
नदियों में बहता पानी।
प्रकृति की गोद में,
फिर उड़ती ये आंधी।।
प्रकृति की गोद में,
चलती ये हवाएँ।
प्रकृति की गोद में,
सूरज भी ये गुर्राये।।
प्रकृति की गोद में,
कहती ये हरियाली।
प्रकृति की गोद में,
क्या मौसम, क्या पानी।।
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