कविता संकलन

मेरी कविताओं का विस्तृत संकलन

शुक्रवार, 17 जनवरी 2020

चल रहा हूँ मैं।।

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जीवन कि लड़ाइयों से, लड़ रहा हूं मैं चाहे कुछ भी हो लेकिन, आगे बढ़ रहा हूं मैं कुछ इस कदर नदी के रूप सा,  ढल रहा हूं मैं ...
सोमवार, 13 जनवरी 2020

अब बदल दो दिशाओं को।।

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दिखा दो सारी दुनिया को की तुम क्या कर सकते हो अकेले ही सही पर संसार बदल सकते हो जो होना था वो हो  गया  जो खोना था वो खो गय...
बुधवार, 1 जनवरी 2020

कदम बढ़ाओ अब इतना भी क्या! घबराना...

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थके थके बिना रुके चल रहे राहों पे हम।।१।। मुश्किलें नहीं है कम फिर भी बढ़ रहे है,ये कदम।।२।। न पीछे रह जाने का डर...
सोमवार, 23 दिसंबर 2019

तेरे गम का साथी..।।

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कोई याद पुरानी बनूं या अधूरी कहानी। तेरे यादों की निशानी बनूं या तेरी आंखों का पानी।। नहीं बनना  तेरी खुशी का भागी। मैं तो...
बुधवार, 18 दिसंबर 2019

लगता है! आज बीमार है सूरज दादा।

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सूरज दुबका मुझसे डर कर! बादलों से निकला  यूं छिप छिपकर! देख मुझे है  मुस्कराता, फिर न जाने  क्यों छिप जा...
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YASHVARDHAN SRIVASTAV
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