कविता संकलन
मेरी कविताओं का विस्तृत संकलन
शुक्रवार, 14 सितंबर 2018
इस "हिन्दी दिवस" मूषक पर पधारे ।।
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इस "हिन्दी दिवस" मूषक पर पधारे अपनी "सोने की चिड़िया" को चलो फिर से सवारें जब चिड़िया शिकारी के ...
शुक्रवार, 17 अगस्त 2018
भारत की वो शान अटल है।।
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रात अटल है, दिन अटल है, ये सूरज - ये चांद अटल है।। पशु अटल है, पंछी अटल है, हरियाला ये जंगल अटल है।। पर्वत अ...
1 टिप्पणी:
बुधवार, 15 अगस्त 2018
रहेगा मेरा हिन्दुस्तान सबसे आगे
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एक ऐसा भारत हो, जहां आपस में ना भेद हो। प्रेम के प्रति प्रेम हो। जहां हर तरफ हरियाली हो, वातावरण में फैली खुशहाली हो।। हर ...
5 टिप्पणियां:
बुधवार, 11 जून 2014
सूरज दादा शान्त हो जाओ।।
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ऐसे ही हमसे झगड़े। सूरज दादा क्यों हो भड़के।। इस बार की गर्मी में। सूरज दादा गुस्से में।। कम करो अब ये गर्मी। सूरज दादा दिखाओ थोड़ी नरम...
3 टिप्पणियां:
शनिवार, 22 मार्च 2014
विश्व वानिकी दिवस ( 21 मार्च ) पर विशेष :- प्रकृति की धरोहर।
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बात पते की अब बताता। बदले में सबको समझाता।। गौर से सुनना मेरी बात को। सीखना और समझाना औरों को।। प्रकृति की धरोहर यूँ न न...
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