कविता संकलन

मेरी कविताओं का विस्तृत संकलन

बुधवार, 11 जून 2014

सूरज दादा शान्त हो जाओ।।

›
ऐसे ही हमसे झगड़े। सूरज दादा क्यों हो भड़के।। इस बार की गर्मी में। सूरज दादा गुस्से में।। कम करो अब ये गर्मी। सूरज दादा दिखाओ थोड़ी नरम...
3 टिप्‍पणियां:
शनिवार, 22 मार्च 2014

विश्व वानिकी दिवस ( 21 मार्च ) पर विशेष :- प्रकृति की धरोहर।

›
बात पते की अब बताता।  बदले में सबको समझाता।। गौर से सुनना मेरी बात को।  सीखना और समझाना औरों को।। प्रकृति की धरोहर यूँ न न...
गुरुवार, 20 मार्च 2014

विश्व गौरैया दिवस :- गौरैया प्यारी।

›
पहले उड़ती - फिरती थी, ये हर डाली - डाली।  कौन - थी ये चिड़िया प्यारी ? क्या नाम है इसका, जरा - पूछो भईया ? अरे ये चिड़िया है - ...
7 टिप्‍पणियां:
मंगलवार, 4 फ़रवरी 2014

देखो आई ऋतुराज बसन्त निराली

›
पतझड़ का मौसम छाया, बसन्त का महीना आया।। तेज हवा चली रूहानी, खिली धूप सुहानी।। बगिया में आई तितली रानी, भौरों कि भी अलग कहा...
8 टिप्‍पणियां:
गुरुवार, 12 दिसंबर 2013

प्रकृति की कहानी

›
बात बड़ी है पुरानी, थी प्रकृति की भी कहानी। आज आपको भी है सुनानी, एक ज़माने में प्रकृति थी रानी। इस धरती पर उसका राज था, मानव प...
3 टिप्‍पणियां:
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें

मेरे बारे में

मेरी फ़ोटो
YASHVARDHAN SRIVASTAV
मेरा पूरा प्रोफ़ाइल देखें
Blogger द्वारा संचालित.