कविता संकलन
मेरी कविताओं का विस्तृत संकलन
मंगलवार, 4 फ़रवरी 2014
देखो आई ऋतुराज बसन्त निराली
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पतझड़ का मौसम छाया, बसन्त का महीना आया।। तेज हवा चली रूहानी, खिली धूप सुहानी।। बगिया में आई तितली रानी, भौरों कि भी अलग कहा...
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गुरुवार, 12 दिसंबर 2013
प्रकृति की कहानी
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बात बड़ी है पुरानी, थी प्रकृति की भी कहानी। आज आपको भी है सुनानी, एक ज़माने में प्रकृति थी रानी। इस धरती पर उसका राज था, मानव प...
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रविवार, 7 जुलाई 2013
फूल खिले है डाली - डाली
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चित्र साभार : yashvardhan09.blogspot.in फूल खिले है डाली - डाली । रुत है ये मतवाली ।। ये भी कहते कुछ गाकर । हँसते - रोते मुस्कुराकर...
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सोमवार, 17 जून 2013
देखो काले बादल आये ....
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देखो काले बादल आये । नभ पर ये जमकर छाये ।। गरजकर , ये बिजली कड़काते । संग में ये अपने वर्षा भी लाते ।। देखो काले बादल आये । गर्मी ...
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गुरुवार, 13 जून 2013
वन में नाचे मोर,,,,
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पवन - पवन का शोर , वन में नाचे मोर । मेघा बरसे घनघोर , वन में नाचे मोर ।। पंख फैलाएँ रूप सलोना , सर पे ताज दिखे अनोखा । मोर के स...
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