कविता संकलन
मेरी कविताओं का विस्तृत संकलन
रविवार, 7 जुलाई 2013
फूल खिले है डाली - डाली
चित्र साभार :
yashvardhan09.blogspot.in
फूल खिले है डाली - डाली ।
रुत है ये मतवाली ।।
ये भी कहते कुछ गाकर ।
हँसते - रोते मुस्कुराकर ।।
कहते ये होकर दुखी ।
हमे मत तोड़ो कभी ।।
मत लो हमारे प्राण ।
आखिर हम में भी है जान।।
सोमवार, 17 जून 2013
देखो काले बादल आये ....
देखो काले बादल आये ।
नभ पर ये जमकर छाये ।।
गरजकर , ये बिजली कड़काते ।
संग में ये अपने वर्षा भी लाते ।।
देखो काले बादल आये ।
गर्मी को ये दूर भगाए ।।
मौसम को भी खुशहाल ।
खेतों में हरियाली फैलायें ।।
देखो काले बादल आये ।
बंजर को भी उपजाऊ बनाते ।।
कहीं - कहीं पर ये बाढ़ भी लाते ।
परन्तु अकाल को दूर भगाते ।।
देखो काले बादल आये ।
प्रकृति को भी ये भाये ।।
इस धरती को भी नहलाये ।
देखो काले बादल आये ।।
गुरुवार, 13 जून 2013
वन में नाचे मोर,,,,
पवन - पवन का शोर ,
वन में नाचे मोर ।
मेघा बरसे घनघोर ,
वन में नाचे मोर ।।
पंख फैलाएँ रूप सलोना ,
सर पे ताज दिखे अनोखा ।
मोर के सुनहरे - सुनहरे पंख ,
मोर का है अलग रंग ।।
हवा चले और शाम ढले ,
सुबह - सुबह का भोर ।
मेघा बरसे घनघोर ,
वन में नाचे मोर ।।
शनिवार, 1 जून 2013
मेरी गौरैया
मेरी गौरैया प्यारी-प्यारी ,
सारे जग से ये न्यारी ,
चुन-चुन कर ये दाना लाती ,
अपने प्यारे-प्यारे बच्चों को खिलाती ।
मेरी गौरैया प्यारी-प्यारी ,
सारे जग में ये निराली ,
इसके बच्चे प्यारे-प्यारे ,
चूँ चूँ चूँ करते है सारे ।
देखो भईया-देखो भईया ,
ये चिड़िया है गौरैया ,
हवा में ये उड़ती जाती ,
सबका ये मन बहलाती ।
कितनी प्यारी है ये चिड़िया ,
नाम है इसका गौरैया ,
फुदक-फुदक कर ये नाच दिखाती ,
मेरी गौरैया प्यारी-प्यारी ।
सोमवार, 25 मार्च 2013
रंगों की दिवाली होली
रंगों की दिवाली होली ।
आई फिर मतवाली होली ।।
गुझिया , पापड़ , जलेबी खाई ।
संग में मिलकर होली मनाई ॥
होली का हुड़दंग मचा ।
गली - गली में ढोल बजा ॥
आपस में कभी न झगड़ों ।
होली में दिलों को जोड़ों ॥
बीती बातों को भूल जाओं ।
संग में गले अब मिल जाओं ॥
बनाये रखना अपनी ये दोस्ती ।
आई है फिर मतवाली होली ॥
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